हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , दफ्तरे तब्लीग़ात ए इस्लामी, हौज़ा ए इल्मिया क़ुम ने ट्रंप की शिया मरजयत और मुस्लिम उम्मात के नेता इमाम खामेनेई की शान में बेअदबी की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए एक बयान जारी किया है।
बयान का पाठ इस प्रकार है:
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمنِ ٱلرَّحِیمِ
یُرِیدُونَ لِیُطْفِئُوا نُورَاللَّهِ بِأَفْوَاهِهِمْ وَاللَّهُ مُتِمُّ نُورِهِ وَلَوْکَرِهَ الْکَافِرُونَ. (سورۂ مبارکۂ صف، آیت 8)
वे चाहते हैं कि अल्लाह के नूर को अपनी बातों से बुझा दें, और अल्लाह अपने नूर को पूरा करके ही रहेगा, चाहे काफिरों को यह कितना ही नागवार गुज़रे। (सूरा ए सफ़, आयत 8)
अमेरिकी जुआरी राष्ट्रपति ने विश्व इस्लाम की आस्था और राजनीतिक नींवों को कमजोर करने के मकसद से अपने बेतुके, मूर्खतापूर्ण और दुश्मनी पर आधारित बयानों में, मकतब-ए-तश्शीयो की महान बुनियाद मरजयत और इस्लामी क्रांति के बुद्धिमान नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा इमाम खामेनेई की शान में बेअदबी की है इसलिए इस्लामिक प्रचार कार्यालय, हौज़ा इल्मिया क़ुम इसकी सख्त शब्दों में निंदा का एलान करता है।
ये बयान एक ऐसे राजनीतिक अभिनेता की लाचारी और बेबसी की गहराई का सबूत हैं जो विश्व इस्लाम के दीर्घकालीन हितों से वाकिफ नहीं है, इसलिए वह इस्लामी जागृति की लहर और मकतब-ए-अहल-ए-बैत अलैहिमुस्सलाम की महानता के सामने लफाजी और बकवास पर उतर आया है।
मरजईत, मकतब-ए-फिक़ही और उसूली की विरासत है जो कि हमेशा से ही हिदायत और विश्व इस्तकबार (साम्राज्यवाद) से संघर्ष का स्रोत रही है। नेता और मरजईत की बेअदबी, दरअसल दुनिया भर में अरबों मुसलमानों के सम्मान और इज़्ज़त के हकदार कुरान और अहल-ए-बैत और पूरे उसूल-ए-दीन की बेअदबी है।
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा इमाम खामेनेई की क़यादत, वलायत-ए-फ़क़ीह की व्यावहारिक बुनियाद है; एक ऐसी बुनियाद जो विश्व भौतिक शक्तियों के खिलाफ मुस्लिम उम्मात की स्वतंत्रता और इज़्ज़त की ज़मानत है। इस्लामी क्रांति के नेता, तहरीक-ए-इस्लामी के ध्वजवाहक के तौर पर षड्यंत्रों के खिलाफ एक मजबूत किला हैं।
दफ्तरे तब्लीग़ात ए इस्लामी, हौज़ा ए इल्मिया क़ुम स्पष्ट रूप से ऐलान करता है कि विलायत-ए-फ़क़ीह की शान में, किसी भी तरह की बेअदबी इस्लामी क्रांति के महान लक्ष्यों और ईमानी मूल्यों पर हमला गिनी जाएगी। हम रहबर-ए-मोअज़्ज़म इस्लामी क्रांति की स्पष्ट समर्थन का एलान करते हैं।
वससलाम
दफ्तरे तब्लीग़ात ए इस्लामी, हौज़ा ए इल्मिया क़ुम
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